जलोपा के प्रदेश महसचिव सुमन सौरभ @सुमन वर्मा ने बताया कि उसे साजिश के तहत फंसाया जा रहा है, कुख्यात अपराधी अजीत यादव के हत्या में उनका नाम जबरन घसीटा जा रहा है। 15 अगस्त को घटना के समय वो अपने पार्टी सदस्यों के साथ झंडोतोलन कार्यक्रम में अन्यत्र था। पुलिस चाहे तो सीडीआर और लोकेशन जांच कर सकती है। सुमन वर्मा का कहना है कि इस संबंध में वो जिला एसपी और कोसी रेंज के डीआईजी को आवेदन और अपने खिलाफ हो रहे षड्यंत्र का सबूत भेज चुके हैं। ज्ञात हो 3 माह पूर्व ही सुमन वर्मा ने डीजीपी बिहार को एक आवेदन प्रेषित किया था जिसमें उन्होंने जिक्र किया था कि पुलिस अपराधियों से मिलीभगत करके उसे झूठा मुकदमा में फंसा सकती है। अब वो सच साबित हो रहा है।

डीआईजी को प्रेषित

सुमन वर्मा अभी जनतांत्रिक लोकहित पार्टी के प्रदेश महासचिव है। उनका कहना है कि पुलिस फर्जी एनकाउंटर भी कर सकती है, अतः उन्होंने सभी वरीय पुलिस पदाधिकारियों को आवेदन दे कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग किए है, कहा कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वो पटना हाई कोर्ट के सामने आत्मदाह कर लेंगे, जिसका जिम्मेदार सिर्फ सहरसा जिले के पुलिस होगी। पूर्व में भी वो तत्कालीन थानध्यक्ष श्री राजमणि के खिलाफ भी आवेदन दे चुके है। ऑडियो वायरल होने पर डीआईजी द्वारा उन्हें निलंबित कर दिया गया था।

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