नेपाल की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी(माओवादी) ने भारत को एक बार फिर से झटका दिया है।पार्टी ने एक बैठक बुलाकर नेपाल के नागरिकता कानून में संसोधन बिल लाने का फैसला किया है।इस फैसले के बारे पार्टी प्रवक्ता नारायण काजी ने BBC को बताया है की यदि कोई विदेशी महिला नेपाली पुरूष से विवाह रचाती है तो उसे सात साल बाद उसे अपनी पुरानी नागरिकता त्याग करने का प्रमाण पत्र दिखाने के बाद ही नेपाल की नागरिकता दी जाईगी।

इस फैसले पर काजी ने कहा यह कानून भारत सहित सभी देशों पर लागू होगा।वर्तमान में नेपाली संविधान के अनुसार यदि कोई विदेशी महिला नेपाल के पुरूष शादी कर लेती है तो उसे नेपाल की नागरिकता मिल सकती है।हालांकि नेपाल के मुख्य विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस ने इस बिल का कड़ा विरोध किया लेकिन सत्तारूढ़ पार्टी की  दोनों सदनों में बहुमत है।बता दे यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया जब गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने नेपाल पर कहा था कि भारत और नेपाल का रिश्ता रोटी और बेटी का है जिसे दुनिया की कोई ताकत नही तोड़ सकता।

कुछ दिन पहले विवादित नक्शे को किया था पास

मालूम हो कि पिछले दिनों नेपाल की ऊपरी सदन यानी राष्ट्रीय सभा मे विवादित नक्शे को पास कर दिया था।भारत से बातचीत करने के बजाय प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार ने ऊपरी सदन नए नक्शे का प्रस्ताव ऊपरी सदन में रखा था जो सदन में पूर्ण सहमति से पास करा लिया गया।इस प्रस्ताव के पक्ष में कुल 57 वोट पड़े थे वही विरोध में एक भी वोट नही पड़े।इस दौरान सभी सांसद उपस्थित थे।इस नक्शे में नेपाल ने भारतीय क्षेत्र लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा को अपने इलाके में दिखाया है।इस नक्शे पर नेपाल के राष्ट्रपति ने भी मुहर लगा दी है।

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